आरती कुञ्ज बिहारी की
Aarti Kunj Bihari Ki
आरती कुञ्ज बिहारी की ।
Shri Krishna Govind Hare Murari
Source: सानपाड्याचा इच्छापूर्ती - आरती संग्रह
कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा, कृष्णा
देवकी नंदन तुमको वंदन
रखते सबकी लाज
सबके स्वामी अन्तर्यामी
पूरण कीजिये काज ॥ x२ ॥
मन मंदिर में सजे बिहारी
मनमोहन तेरी छवि अति प्यारी ॥ x२ ॥
बंसी बजैया, रास रचैया
तारनहार मेरे तुम ही खेवैया
तुमसे बड़ा कहाँ कौन कन्हैया
श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा
श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा
देवकी नंदन तुमको वंदन
रखते सबकी लाज
सबके स्वामी अन्तर्यामी
पूरण कीजिये काज ॥ x२ ॥
लीला अपरम पार तेरी
तू माखन चोर कहावे
भवसागर से सबकी नैया
तू ही पार लगावे ॥ x२ ॥
भक्तों का सहारा
तू बांसुरी वाला
मथुरा के बसैया
ओ नन्द के लाला
तेरी भक्ति में नाचे सब ता ता थैया
श्री कृष्णा गोविन्द..
श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा
कृष्णा... कृष्णा हरे..
देवकी नंदन तुमको वंदन
रखते सबकी लाज
सबके स्वामी अन्तर्यामी
पूरण कीजिये काज
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